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ICU Full Form in Hindi – ICU से संबंधित जानकारी

ICU के बारे में लगभग सभी ने सुना है। ICU का विस्तार रूप  “Intensive Care Unit” होता है, जिसका हिंदी अर्थ है “गहन चिकित्सा विभाग”,चलिए दोस्तों हम आपको ICU के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। और आपको बताते हैं कि ICU में ऐसा क्या खास होता है जिससे यहां पर गंभीर से गंभीर मरीज का इलाज होना संभव हो पाता है।

ICU किसी भी अस्पताल का वह विभाग होता है जहाँ अत्याधुनिक मशीन व उपकरण मौजूद होते हैं।

किसी भी व्यक्ति को ICU में तभी भर्ती किया जाता है जब व्यक्ति की हालत बहुत नाजुक होती है।

ICU एक ऐसा खास तरह का कक्ष होता है जहाँ तमाम तरह के अत्याधुनिक रक्षा उपकरण मौजूद होते है जिनकी मदद से गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज संभव हो पाता है। ICU में हर तरह के रोग के अनुसार विशेष मशीन होती है तथा यह पर मरीजो पर बड़ी बारीकी से नजर रख जाता है।

ICU में पाए जाने वाले विशेष उपकरण:

●वेंटिलेटर(Ventilator)- यह वो मशीन होती है जो तब काम में आती है जब रोगी की शारीरिक दशा ऐसी हो जाती है कि वो सांस भी लेने में सक्षम नहीं होता है। ऐसे में व्यक्ति को कृत्रिम रूप से सांस देने के लिए व्यक्ति के नाक में नली लगायी जाती है और मशीन के द्वारा सांस दिया जाता है।

●डायलिसिस मशीन(Dialysis Machine)– डायलसिस में व्यक्ति के खून को निकालकर उसे साफ़ करके फिर से शरीर में डालते हैं| यह कई तरह का होता है जिसका निर्धारण रोग के अनुसार किया जाता है।

●इलेक्ट्रोनसीफेलोग्राफी (Electroencephalography)– जितना जटिल इस मशीन का नाम है उतना ही जटिल इसका काम भी है। यह मशीन हमारे दिमाग  में होने वाली किसी भी गड़बड़ को पहचान लेने में सक्षम होती है। यह दिमाग की इलेक्ट्रिकल गतिविधि को रिकॉर्ड करती है। इसे short में EEG मशीन भी कहते है |

●External Pacemakers – जब रोगी का हृदय काम करना बंद कर देता है तो पेसमेकर की मदद से रोगी के हृदय की धड़कने तेज की जाती हैं ताकि हृदय वापस नार्मल स्थिति में आ सके।

●Feeding Tubes – जब रोगी खाना खाने लायक नहीं होता तो यह मशीन शरीर में भोजन पहुँचाने और निकालने के काम आती है

●Suction Tubes – ये वह tube होती है जिसे डॉक्टर सर्जरी के दौरान उपयोग में लाते हैं|

●Iv Pump – जब रोगी दवाईयां खाने या पीने में असमर्थ होता है तब इस पम्प के द्वारा शरीर में दवाइयां डाली जाती हैं|

●Pulse Oximeter – यह ऑक्सीमीटर तब use किया जाता है जब व्यक्ति के खून में ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो तो डॉक्टर इस यंत्र की मदद से रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा नापते हैं|

●केंद्रीय लाइन(Central Line)– यह रोगी की सबसे गहरी शिरा में लगाईं जाने वाली एक नाली होती है जिसका उपयोग ICU में रोगी के खून में दवा को पहुँचाने के लिए या फिर खून को बाहर निकालने के लिए किया जाता है |

●इंटरकर्नियल प्रेशर मॉनिटर (intracranial pressure monitor)– इस मशीन का काम थोडा जटिल होता है क्योंकि इसके इस्तेमाल से दिमाग में जमे तरल को बाहर निकाला जाता। और साथ ही इसका उपयोग दिमाग में pressure को नापने के लिए भी किया जाता है |

●कम्प्रेशन बूट्स(compression boots)- अगर रोग की प्रकृति ऐसी है कि रोगी के पैरों में खून का थक्का बन जाने की सम्भावना होती है तो ऐसे में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इससे पैरो को हलके दाब से बार बार दबाया जाता है जिसकी वजह से पैरों की रक्त वाहिकाओं में खून का थक्का नहीं जमता है |

●बेडसाइड मॉनिटर(Bedside Monitor)- यह सबसे इम्पोर्टेन्ट मशीन होती है जिसका सबसे अधिक इस्तेमाल भी किया जाता है| इसके इस्तेमाल से रोगी के शरीर से मिल रहे आंकड़े जैसे blood pressure , heart rate आदि आंकड़ों की मोनिटरिंग की जाती है |

इसके अलावा कुछ और भी छोटी छोटी मशीन होती है जिनका इस्तेमाल ICU में किया जाता है।

ICU में भर्ती होने वाले रोगी:

●जब व्यक्ति को बड़ा हार्ट अटैक आया हो।

●ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा low हो गया हो।

●रोगी कोमा में पहुंच गया हो।

●रोगी की किडनी फेल हो गयी हो।

●रोगी के लिवर ने काम करना बंद कर दिया हो।

●गंभीर एक्सीडेंट हुआ हो या सांस ना आ रही हो।

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